स्वास्थ्य पूंजी - फेफड़ो का कैंसर के लक्षण
दिसंबर का महीना"लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ"के नाम से समूचे विश्व में मनाया जाता है.लंग कैंसर याने फेफड़ो का कैंसर एक जानलेवा है. विश्व स्वस्थ्य संघटन के आकड़ो के मुताबिक लगभग ७.६ करोड़ लोगो ने इसके वजह सेअपनी जान गवाते है. इस कैंसर के वजह से मरीजों में अनेक लक्षण देखे जा सकते है जिसमे से, वजन घटना, बलगम से खून, दमा, एवं खांसी. अगर हम खांसी को अनदेखा या योग्य उपचार न मिल पाने पर , या उपचार के बावजूद अगर खांसी में आराम न मिल पाए तो डॉक्टर की सलाह से योग्य जांच तथा उपचार करना बेहद जरुरी माना गया है. जिस प्रकार तेजि से औद्योगिक प्रगती कर रहा है उसी प्रकार से दिन प्रतिदिन कारखानो चिमणी, मायन्स, निजी कंपनी, फॅक्टरी से निकला धुवा, धूल, केमिकल्स- युक्त द्रवऔर अभि फ्लू, कोरोना महामारी बनी बिमारियो आदी बीड़ी, तम्बाखू, गुटखा, नस, खैनी आदी खानेवालों को कामगारो में फेफड़े का कैंसर होने का धोखा अधिक होता है. इस घातक बीमारी के और भी कारण हो सकते है. जिसकाअनुमान लगाना बेहद कठिन हो सकता है. क्योको शुरुवाती दौर में इसके लक्षण दिखाए नहीं देते है. कुछ लक्षण सामने आने पर योग्य जांच एवं उपचार से इसका बचाव हो सकता है.
चलिए हम जान लेते है - १) अगर आपको सांस लेते वक़्त सिटी जैसा आवाज आती हो तो तुरंत इसे अपने डॉक्टर को दिखाए. २) अगर आपको लम्बी सांस लेते वक़्त तकलीफ महसूस होतो है, तो छाती में तरल पदार्थ तैयार होने से यह परेशानी हो सकती है. जिससे फेफड़े का कैंसर का अंदेशा अधिक होता है. ३) चेहरा या गले में सूजन या गांठे होना यह कैंसर का लक्षण हो सकते है. ४) फेफड़े का कैंसरअगर काफी बढ़ते चले गया तो मरीज के पैरों पर सूजन, पीठ,कमर में दर्द ,और कुछ कुछ समय तो हड्डियों में फ्रैक्चर भी होजाते है. ५) अगर आपको सीने में , पीठ में ,या कमर में दर्द होने पर इसे गंभीरता से लेना जरुरी है. ६) छाती में कफ, जकड़न यह समस्या २ से ३ हफ्ते से ज्यादा चल रही हो तो यह एक तरह का इंफेक्शन हो सकता है, इसलिए तुरंत चेकअप बेहद जरुरी है. ७) फेफड़े का कैंसर बढ़ जाने से उसका परिणाम मस्तिष्क पर भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में सरदर्द होना, कभी कभी ट्यूमर से नसो द्वारा दबाव पड़ता है जिससे खून का बहाव में कमी से लक्षण दिखाए देते है. ८) काफी समय शरीर में कैल्शियम मात्रा अधिक होने लगती है. यहभी फेफड़े के कैंसर के मुख्य लक्षण के तौरपर देखे गए है. इसलिए उपरोक्त लक्षणों का देखा पाए जाते ही अपने फॅमिली फिजिशियन / स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करे और फेफड़े के कैंसर से योग्य जांच एवं उपचार सम्बन्धी जानकारी लेवे.