सोमैटोफॉर्म ( somatoform ) विकार (disorder) एक ऐसी स्थिति है जहां शारीरिक लक्षण किसी भी स्पष्ट चिकित्सा कारण (डायग्नोसिस/diagnosis) के बिना बने रहते हैं।
यह एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है।
विकट लक्षणों के बावजूद चिकित्सकीय जांच होने पर कोई कारण ना मिल पाना निराशा पैदा करता है। काफ़ी बार लक्षणों से पीड़ित व्यक्ति पर दोषारोपण होता है की उसको कोई बीमारी नहीं हैं अथवा वो सिर्फ ध्यान आकर्षित करने को यह सब कर रहा है। इन सब बातों से दैनिक जीवन में संकट और कष्ट होता है।
सामान्य लक्षण :
•शारीरिक दर्द या सिरदर्द बने रहना
•पेट से जुड़ी समस्या जैसे गैस, कब्ज़
•थकान होना या मांसपेशियों में तनाव
•नस के लक्षण जैसे सुन्नता या झुनझुनी
•यौन समस्याएं
ये लक्षण रोगी के लिए वास्तविक और परेशान करने वाले हैं, फिर भी चिकित्सा परीक्षण और जांचें किसी भी स्पष्ट कारण को खोजने में असमर्थ रहती हैं।
मनोवैज्ञानिक (साइकोजेनिक) उत्पत्ति :
सोमैटोफॉर्म विकार की जड़ें मनोवैज्ञानिक संकट में होती हैं, जो अक्सर इन कारणों से उपजी हो सकती हैं:
•आघात या तनावपूर्ण स्थितियां, जिसमें रोजमर्रा का तनाव शामिल हो सकता है
•दबी हुई नकारात्मक भावनाएं या संघर्ष जो कुछ समय बाद शरीर में लक्षणों के रूप में उभरते हैं
•किसी नुकसान/दुःख से निपटने में कठिनाईमन एवं शरीर का संबंध (mind-body connection) शक्तिशाली है, और भावनात्मक दर्द शारीरिक लक्षणों के रूप में प्रकट हो सकता है।
लक्षणों से निजात:
सोमैटोफॉर्म विकार का इलाज एक प्रशिक्षित मनोचिकित्सक की मदद से किया जा सकता है।
थेरेपी (therapy) आपकी मदद कर सकती है:
•मन में दबे हुए भावनात्मक मुद्दों को पहचानें और उनके बारे में डाक्टर से सलाह करें।
•भविष्य में भावनात्मक तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कोपिंग (coping) तकनीकें विकसित करें।
•रिश्तों और दैनिक कामकाज में सुधार
उचित उपचार के साथ, आप शारीरिक लक्षणों और भावनात्मक संकट के चक्र से मुक्त हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
यदि आप अस्पष्टीकृत शारीरिक लक्षणों से जूझ रहे हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलने में संकोच न करें। वे आपके लक्षणों की भावनात्मक जड़ों को उजागर करने और एक व्यक्तिगत उपचार योजना विकसित करने के लिए आपके साथ काम करेंगे।
याद रखें, सोमैटोफॉर्म विकार का यह अर्थ बिलकुल भी नहीं है की "सब आपके मन में है" । यह एक वैध मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसके लिए करुणा, समझ और साक्ष्य-आधारित उपचार की आवश्यकता होती है। उपचार की दिशा में पहला कदम उठाएं और अपने जीवन को पुनः खुशहाली की ओर ले जाएं।
यदि आपकी जानकारी में कोई व्यक्ति ऐसे लक्षणों से पीड़ित है, तो उनसे यह जानकारी जरूर साझा करें।
आपकी सेवा में तत्पर:
अथर्व मनोचिकित्सा क्लीनिक
(डा. अभिनव तिवारी एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी)
Contact: 94-153-94-379