1. नस्या क्रियाअगर आप किसी वजह से किसी चीज की स्मेल सूंघ नहीं पा रहे हैं तो उसके लिए डॉ. एम मुफीक ने नास्या क्रिया बताई है। नास्या क्रिया में कुछ ऐसे मेडिकेटिड ऑइल होते हैं जिन्हें नाक के नथुनों में डाला जाता है। मेडिकेटिड ऑइल में अण, षटबिंदू तेल आदि हो सकते हैं। इस क्रिया को करने से बंद नाक खुल जाती है और नाक के टेस्ट बड्स काम करने लग जाते हैं।2. वमन क्रियाआयुर्वेद में कई उपाय हैं जिनसे मुंह का स्वाद और नाक के सूंघने की क्षमता को वापस लाया जा सकता है, उन्हीं उपायों में से एक है वमन क्रिया। वमन क्रिया में मुंह में जमा कफ को उल्टी द्वारा निकाला जाता है। इसमें आप चाहें तो गन्ने का सेवन कर सकते हैं। गन्ने के रस को खूब पिएं। फिर जब उल्टी जैसा महसूस हो तो उल्टी कर दें। वमन क्रिया करने से शरीर में जमा कफ बाहर निकलता है। जब यह कफ बाहर निकलता है तो सूंघने वाली कोशिकाएं ठीक से काम करने लग जाती हैं।इसे भी पढें : मुंह का स्वाद चले जाने के पीछे हो सकते हैं ये 6 कारण, एक्सपर्ट से जानें मुंह का स्वाद कैसे ठीक करें?3. हर्बल धूम्रपान हर्बल धूम्रपान तंबाकू वाले धूम्रपान से अलग होता है। हर्बल धूम्रपान में कुछ आयुर्वेदिक औषधियां जैसे कगर, एगरू आदि होती हैं, उन्हें किसी चीज में रखकर पिया जाता है। इसे ही हर्बल स्मोक कहा जाता है। इसे मुंह का स्वाद चले जाने पर इस्तेमाल किया जाता है। हर्बल स्मोक मुंह के टेस्ट बड्स पर काम करता है और मुंह का स्वाद वापस आ जाता है।4. लहसुनलहसुन में एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। इसका रोज सेवन करने से शरीर का कफ बाहर निकलता है। मुंह का स्वाद चले जाने पर लहसुन की चार पांच कलियां एक कप पानी में दो मिनट के लिए उबाल लें। उसमें एक चुटकी नमक मिला दें। फिर उस मिश्रण को दिन में दो बार पिएं। पर ध्यान रहे कि लहसुन की कलियां नहीं खानी हैं। उन कलियों को पानी से बाहर निकाल दें। लहसुन नाक की सूंघने की क्षमता को वापस लाएगा। 5. नींबूनींबू वैसे तो बहुत अच्छी आयुर्वेदिक दवा है। यह विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। डॉ. मुफीक ने बताया कि जिन लोगों को ज्यादा कफ बनता है या रनिंग नोज है, उनके लिए नींबू रामबाण उपाय हो सकता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़ना है फिर शहद मिला दें। इसे दिन में दो बार खाली पेट पिएं। यह एक तरह की नींबू वाली चाय बन जाएगी। और नींब व शहद मिलकर आपके मुंह का स्वाद वापस लाने में आपकी मदद करेंगे।6. अरंडी का तेलइसमें एंटी इंफ्लामेंटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। यह एंटी-ऑक्सीडेंट भी होता है। अरंडी का तेल कफ और कोल्ड में अच्छा काम करता है। इसके इस्तेमाल के लिए डॉ. एम मुफीक ने बताया कि अरंडी के तेल का एक ड्रॉप तेल को गुनगुना करना है और नाक में डालना है। सुबह और रात में सोते समय नाक में डालना है। इससे बंद नाक खुल जाएगी और स्मेल आनी शुरू हो जाएगी।इसे भी पढ़ें : बुखार के बाद स्वाद में कड़वाहट की समस्या दूर करेंगी ये 5 हेल्दी रेसिपीज, बढ़ेगी इम्यूनिटी और रहेंगे हेल्दी7. पुदीने की पत्तियांपुदीना एंटी-माइक्रोबायल होता है। यह नाक, गला और छाती से संबंधित परेशानियों में मदद करता है। मुंह का स्वाद लाने में पुदीना बहुत मदद करता है। इसके लिए आपको पुदीने की 10-15 पत्तियों को एक कप पानी में उबालना है। फिर इसमें शहद मिलाना है। इस मिश्रण को दिन में दो बार पिएं। ऐसा करने से आपको कुछ ही दिन में समस्या से निजात मिल जाएगी। 8. अदरकअदरक भी मुंह का स्वाद और नाक की सूंघन की क्षमता को बढ़ाती है। यह एंटी-माइक्रोबायल है। यह शरीर में जमा कफ को बाहर निकालता है। यह दर्द में भी मदद करता है। इसको चाय में डालकर पिया जा सकता है या फिर अदरक को छोटा-छोटा काटकर उसमें काला नमक लगाकर भी खाया जा सकता है।ऊपर वे सभी उपाय बताए गए हैं जो आपके मुंह के स्वाद और सूंघने की क्षमता को वापस लाने में मदद करेंगे। पर ध्यान रहे कि अगर आपको सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं और मुंह में किसी तरह का स्वाद भी नहीं आ रहा है तो एक बार कोरोना जांच भी करा लें। इससे आप सुनिश्चित हो जाएंगे कि कोरोना नहीं। फिर आप इस मर्ज की अन्य वायरल बीमारियों की तरह ही इलाज कर सकते हैं। आयुर्वेदिक उपायों से कोई नुकसान तो नहीं होता, लेकिन इनका केवल फौरी तौर पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यह परमानेंट इलाज नहीं हो सकते। अगर आपको कोई गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर के पास जाएं। Read More Articles On Ayurveda in HindiReadNextगठिया (अर्थराइटिस) को जड़ से ठीक करती हैं ये 7 प्रभावकारी जड़ी-बूटियां, जानिए क्यों हैं ये फायदेमंदDisclaimerTagsHome remediesDoctor Verifiedमुंह का स्वादसूंघने की ताकतMORE FOR YOUवजन घटाने के लिए पपीता कैसे खाएं? जानें वेट लॉस डाइट में कैसे शामिल करें पपीताडिलीवरी के बाद गुड़ खाना है बहुत फायदेमंद, दूर होती हैं शरीर की कई परेशानियांभारत में मिला कोरोना के XE वैरिएंट का पहला मामला, WHO ने बताया था 10 गुना ज्यादा संक्रामकजायफल और मिश्री साथ में खाने से दूर होती हैं शरीर की ये 6 समस्याएं, जानें खाने का सही तरीकाक्या आपको भी सताता है हर समय रिश्ता टूटने का डर? जानें रिलेशनशिप फियर दूर करने के टिप्सलगातार बढ़ रहे हैं हार्ट से जुड़े रोगों के मामले, डॉक्टर से जानें हार्ट को हेल्दी रखने के सभी जरूरी टिप्सNEXT STORY माइंडफुलनेस मेडिटेशन है डिप्रेशन दूर करने में फायदेमंद, जानें इसे करने का तरीका और सावधानियांमाइंडफुलनेस मेडिटेशन की मदद से आप अपने डिप्रेशन को कम कर सकते हैं। साथ ही कई तरह की परेशानियों को दूर कर सकते हैं।Written by: Dipti kumariPublished at: Apr 05, 2022Update at: Apr 06, 2022SHAREFacebookTwitterWhatsappKooइंसान ही एक ऐसी प्रजाति है, जो खुश रह सकती है और किसी भी प्रकार की भावनाओं को अनुभव कर सकती है लेकिन आज के समय में हमारे जीवन में एक समय में इतना कुछ चल रहा होता है कि अपने दिमाग और स्थितियों की कैद में हम हंसना और तनावमुक्त रहना भूल जाते हैं। धीरे-धीरे ये आदत और जीवन का तौर-तरीका हमें बीमार बना सकता है। लोग तनाव, चिंता और डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं। कभी-कभी इससे निकलना लोगों के लिए काफी मुश्किल हो जाता है क्योंकि उन्हें समझ नहीं आता है कि वे किस तरह खुद को शांत करें। कई बार हम मूवीज, सैर-सपाटा और खुश रहने की कई तरह से कोशिश कर लेते हैं लेकिन आपको मानसिक शांति नहीं मिल पाती है। इसके लिए आपको थोड़ा समय खुद के साथ बिताने की जरूरत होती है ताकि चीजें आपके लिए और आसान हो जाएं। इसके लिए आप माइंडफुलनेस मेडिटेशन कर सकते हैं। दरअसल ओनली माई हेल्थ इस सप्ताह वर्ल्ड हेल्थ डे के तहत मेंटल हेल्थ से जुड़े कई पहलूों को आपके समक्ष लाने की कोशिश कर रहा है ताकि हम मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें और एक बेहतर कल के लिए फ्यूचर फिट रहें। इसी क्रम में ओएमएच टीम ने लाइव सेशन में विस्तार से बात की मैक्स सुपरस्पेशलिस्ट अस्पताल की मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक डॉ रीमा गुप्ता से। माइंडफुलनेस मेडिटेशन के फायदे1. गुस्सा कम आना2. शांति और खुशी का अनुभव होना3. फोकस बढ़ाना4. स्ट्रेस और चिंता से छुटकारा5. फैसले लेने की क्षमता में विकास6. बेहतर नींद के लिए फायदेमंद7. इमोशनल स्टैबिलिटी होना8. हाइपर-ऐक्टिविटी कम होना9. दूसरों को समझने और स्वीकार करने की क्षमता का विकास10. हर काम में खुश रहनामाइंडफुलनेस मेडिटेशन के तरीके1. ब्रीदिंग मेडिटेशन ब्रीदिंग मेडिटेशन की एक तरह की माइंडफुलनेस मेडिटेशन है। इस दौरान आप अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और जब सांस अंदर आती है और बाहर जाती है, तो आप काफी सुकुन का अनुभव करते हैं। सांसों के उतार-चढ़ाव को महसूस करते हैं। इस समय एक हाथ पेट पर रखें और जब सांस लें तो पेट बाहर की तरफ जाए और जब सांस छोड़ें तो पेट अंदर की तरफ जाए। जब भी ध्यान सांसों का भटकाव हो, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसा आमतौर पर मेडिटेशन के दौरान हो सकता है। मन बहुत अस्थिर होता है इसलिए भटकाव से घबराकर ध्यान को छोड़ें न बल्कि फिर से पूरी निष्ठा के साथ सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। इससे मानसिक और शारीरिक दोनों लाभ होता है। स्ट्रेस कम करने में मद मिलती है। 2. आसपास की आवाजों को सुननाकई बार हम अपने काम और आसपास की भीड़ में प्राकृतिक आवाजों को बिल्कुल इग्नोर कर देते हैं। पक्षियों, पेड़-पौधों की सरसराहट और आसपास की हलचल हमारे लिए बिल्कुल अलग और ध्यान योग्य रहता ही नहीं लेकिन माइंडफुलनेस, मेडिटेशन करते समय ध्यान से अपने आसपास की चीजों की आवाज सुनें। किस चीज की आवाज कैसी है और उसे अंदर से महसूस करें। हालांकि पहले से किसी तरह की पूर्वधारणा को अपने आप पर हावी न होने दें और आ रही आवाज को कानों की मदद से महसूस करें। इससे डिप्रेशन को कम करने में मदद मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। धीरे-धीरे इन आवाजों से दूर लोगों की आवाज पर आएं कि कौन क्या बोल रहा है। यह आपको भीड़ में भी अपने लिए समय निकालने का मौका देता है। इसे भी पढ़ें- आखिर क्यों लोग हो जाते हैं डिप्रेशन के शिकार, जानें इसके कारण और लक्षण3. ध्यान से चीजों को देखना अपने आसपास की चीजों को ध्यान से देखें। चीजों के आकार, रंग-रूप और प्रकार पर ध्यान दें। पूर्वधारणा से परें आपको जो दिख रहा है, उसे ही सच मानें। जैसे अगर पत्तियों का हर पीला है, तो मन में उस बात को लेकर संतोष रखें कि अब इस पेड़ की पत्तियां पीली हो गई है क्योंकि कई बार हमारी पूर्वघारणा या कल्पना के मुताबिक, चीजें नहीं मिलती या दिखती है, तो हमें असहज महसूस होता है। कई लोग उस चीज के बारे में बात करके आगे निकल जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को आज में जो चीजें दिख रही होती है, उससे परेशानी हो सकती है। इसलिए स्वीकार करने की आदत बढ़ाएं। Image Credit- Freepik4. मन में चल रहे विचारों पर ध्यान देंहमारा मन बहुत चंचल होता है। एक जगह पर रहते हुए हमारे लिए उसी जगह रहना मुश्किल हो जाता है। यही आपकी चिंता का प्रमुख कारण है और चिंता कई बीमारियों को जन्म दे सकती है। आंख बंद करके विचारों पर ध्यान लगाएं। मन में आने वाले विचारों को आने-जाने दें। अगर फिर भी मन विचारों में उलझा सा अनुभव करें, तो विचारों को सांसों पर ले जाएं। इससे मन में एकाग्रता बढ़ती है और विचारों में उबरने की क्षमता का भी विकास होता है। साथ ही मन में आने वाले विचार स्थिर हो सकते हैं। हालांकि जबरन मन में कोई विचार न थोपें। इससे मेडिटेशन का फायदा नहीं होगा। Image Credit- Freepik5. शरीर की क्रियाओं पर ध्यान देनाएकसरसाइज या योग करते समय आप केवल हाथों और पैरों के मूवमेंट पर ध्यान देने के साथ-साथ अपनी शरीर की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर भी ध्यान दें। जैसे हाथ से संबंधित कोई एक्सरसाइज करते समय अपनी उगंलियों से लेकर भुजाओं तक ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें। इससे शरीर की गतिविधियों के साथ दिमागी कसरत भी होती रहती है। इसके अलावा आप पैरों को सामने फैलाकर एक्सरसाइज करते हुए घुटनों से लेकर जांघों तक में होने वाली कंपन को महसूस कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यास जल्दी में करने की कोशिश न करें। इन बातों का भी रखें ध्यान 1. समय पर भोजन करें और हेल्दी खाना खाएं। इसमें आप अधिक मात्रा में सब्जियां, फल और ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं। 2. साथ में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए आप आप अधिक मात्रा में जूस, पानी और स्मूदी का सेवन कर सकते हैं। 3. दिन की शुरूआत हमेशा एक हेल्दी डिटॉक्स ड्रिंक के साथ करने की कोशिश करें ताकि पूरे दिन आपका स्वस्थ रहें। Main Image Credit- FreepikMORE FOR YOUथकी, लाल और खुजलीदार आंखों से छुटकारा चाहते हैं तो ट्राई करें ये आयुर्वेदिक नुस्खा, मिलेगी राहतचेहरे के दाग-धब्बों को हटाने के लिए रात में लगाएं ये 4 फेस पैक, स्किन बनेगी ग्लोइंग और सॉफ्टक्या ज्यादा एक्सरसाइज करने से हो सकती है इंफर्टिलिटी? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्टट्राइग्लिसराइड (Tryglycerides) बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानेंअच्छी नींद लेने के बाद भी रहती है थकान, तो अपने खानपान और लाइफस्टाइल में जरूर करें ये 6 बदलावमुंहासे ज्यादा होते हैं तो कम कर दें इन 3 फूड्स का सेवन, बढ़ा सकते हैं आपकी समस्याघर पर बीपी मशीन का इस्तेमाल कैसे करते हैं? जानें BP चेक करने के आसान स्टेप्स NEXT STORY थकी, लाल और खुजलीदार आंखों से छुटकारा चाहते हैं तो ट्राई करें ये आयुर्वेदिक नुस्खा, मिलेगी राहतAyurvedic Remedies For Eyes: आंखों में थकान, लाल आंखें और खुजली के कई कारण हो सकते हैं। यहां जानें आंखों की इन समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक उपाय।Written by: Vineet KumarPublished at: Apr 04, 2022Update at: Apr 04, 2022SHAREFacebookTwitterWhatsappKooथकी हुई आंखें, आंखों लाल होना और उनमें खुजली (Tired Red Itchy Eyes In Hindi) होना बहुत आम समस्या है। हम में से ज्यादातर लोग अक्सर आंखों में इस तरह की समस्या का सामना करते हैं। आंखों की इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह की दवाओं, आई ड्रॉप का इस्तेमाल करते हैं, साथ ही कुछ घरेलु नुस्खे भी आजमाते हैं। लेकिन कुछ खास असर देखने को नहीं मिलता है। आमतौर पर आंखों की ये समस्याएं कुछ घरेलु नुस्खों (Home Remedies For Tired Red Itchy Eyes In Hindi) से आसानी से ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर यह समस्याएं किसी मेडिकल कंडीशन के कारण होती हैं तो इसको लेकर आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं।आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अर्पणा पद्मानाभन (बीएएमएस, एमडी, पीएचडी आयुर्वेद) के अनुसार मेडिकल कंडीशन की स्थिति में आपको डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। हालांकि अगर आंखों की समस्याएं किसी मेडिकल कंडीशन का परिणाम नहीं हैं तो कुछ घरेलु नुस्खे इससे छुटकारा पाने में आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं। इस लेख में हम डॉ. अर्पणा पद्मानाभन से जानेंगे थकी, लाल और खुजलीदार आंखों से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Remedy For Tired Red Itchy Eyes In Hindi)।लाल और खुलजलीदार आंखों के क्या कारण हैं? (Tired Red Itchy Eyes Causes In Hindi)अगर थकी हुई आंखें, आंखों में लाली और खुजली के लिए कई कारण (Tired Red Itchy Eyes Causes In Hindi) जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ मामलों में आंखों में इस तरह की समस्या एलर्जी और प्रदूषण के कारण हो सकती है, लेकिन ये किसी अंतर्निहित मेडिकल कंडीशन का भी संकेत हो सकती है। यहां आंखों की समस्याओं के लिए जिम्मेदार कुछ सामान्य कारण दिए गए हैं।1. मौसमी एलर्जीमौसमी एलर्जी लाल और खुजलीदार आंखों का एक आम कारण है। इस तरह की एलर्जी आपको मौसम बदलने पर होती है। कुछ लोगों को हर साल एक ही समय इस तरह की आंखों की समस्या होती है, ऐसा मौसमी एलर्जी के कारण होता है।2. आंखों में इन्फेक्शनअगर आपकी आंखें किसी वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण से ग्रसित हैं तो इसके चलते भी आपकी आंखें थकी, लाल और खुजलीदार हो सकती हैं। जैसे कंजंक्टिवाइटिस सबसे आम संक्रमणों से एक है। इसके कारण भी आपकी आंखें लाल हो जाती हैं। साथ ही उनमें खुजली और जलन जैसी समस्या होती है।इसे भी पढें: वजन घटाने के लिए करें आयुर्वेदिक औषधि कचनार गुग्गुल का इस्तेमाल, जानें 5 तरीके3. ड्राई आईआंखों में पर्याप्त नमी को बनाए रखना जरूरी है। आंसू आपकी आंखों को नम और तरोताजा रखने में मदद करते हैं। लेकिन कुछ कारणों के चलते आपकी आंखें सूखेपन और खुजली से बचने के लिए पर्याप्त आंसू का उत्पादन करने बंद कर सकती है, जिससे आपकी आंखें सूख जाती हैं। यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ ज्यादा सामान्य है और बूढ़े लोग इससे ज्यादा ग्रसित होते हैं।4. कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करनाकॉन्टैक्ट लेंस पहनना और बहुत लंबे समय तक उन्हें आंखों पर लगाए रखना थकी हुई, लाल और खुजलीदार आंखों का एक बड़ा कारण है। ये आपकी आंखों में जलन का कारण बनते हैं और आपकी आंखों में खुजली होती है। अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए और कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।5. प्रदूषणकुछ लोगों की आंखें प्रदूषण के प्रति संवेदनशील होती हैं। हवा में मौजूद धुंआ और जहरीले कणों के कारण आंखों में जलन, लाल आंखें और आंखों में खुजली जैसी समस्या होना बहुत आम है। ऐसे में आपको आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से भी राहत मिल सकती है। साथ अपनी आंखों को ठंडे पान से धोना से भी आराम मिल सकता है।थकी हुई और लाल और खुजलीदार आंखों के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Remedy For Tired Red Itchy Eyes In Hindi)डॉ. अर्पणा के अनुसार अगर आपकी आंखों की समस्या किसी मेडिकल कंडीशन से जुड़ी नहीं है तो आपके लिए ये कुछ जड़ी-बूटियों से तैयार ये आयुर्वेदिक नुस्खा बेहद कारगर साबित हो सकता है।कैसे बनाएंत्रिफला या मुलेठी की जड़ का पाउडर या डॉक्टर द्वारा सुझाई कुछ अन्य जड़ी-बूटियों के पाउडर का एक पेस्ट बनाएं। इसमें पानी या दूध मिलाएं और अपनी पलकों या आंखों के ढक्कन पर लगाएं। इसे अपनी आंखों पर 5 मिनट के लिए छोड़ दें और उसके बाद इसे धो लें। आप इस पेस्ट को आंखों के निचले हिस्से पर भी लगा सकते हैं। सप्ताह में 3 बार इस्तेमाल कर सकते हैं।इसे भी पढें: ब्लड प्रेशर में तुलसी है बहुत फायदेमंद, जानें बीपी के मरीजों को कैसे करना चाहिए सेवनएक्सपर्ट क्या सलाह देते हैंडॉ. अर्पणा के अनुसार इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह नुस्खा आंखों की समस्याओं के लिए एक बेहद कारगर उपाय है। अगर आप आंखों से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क जरूरी करें। अगर यह समस्या किसी मेडिकल कंडीशन का परिणाम है तो कुछ जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से आपकी परेशानी बढ़ सकती है। All Image Source: Freepik.comMORE FOR YOUमाइंडफुलनेस मेडिटेशन है डिप्रेशन दूर करने में फायदेमंद, जानें इसे करने का तरीका और सावधानियांचेहरे के दाग-धब्बों को हटाने के लिए रात में लगाएं ये 4 फेस पैक, स्किन बनेगी ग्लोइंग और सॉफ्टक्या ज्यादा एक्सरसाइज करने से हो सकती है इंफर्टिलिटी? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्टट्राइग्लिसराइड (Tryglycerides) बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानेंअच्छी नींद लेने के बाद भी रहती है थकान, तो अपने खानपान और लाइफस्टाइल में जरूर करें ये 6 बदलावमुंहासे ज्यादा होते हैं तो कम कर दें इन 3 फूड्स का सेवन, बढ़ा सकते हैं आपकी समस्याघर पर बीपी मशीन का इस्तेमाल कैसे करते हैं? जानें BP चेक करने के आसान स्टेप्स NEXT STORY चेहरे के दाग-धब्बों को हटाने के लिए रात में लगाएं ये 4 फेस पैक, स्किन बनेगी ग्लोइंग और सॉफ्टDark Spots on Face Pack: चेहरे के काले दाग-धब्बों को मिटाने के लिए आप रात को कुछ फेस पैक अप्लाई कर सकते हैं। इससे चेहरे की रंगत में भी सुधार होता है। Written by: Anju RawatPublished at: Apr 05, 2022Update at: Apr 05, 2022SHAREFacebookTwitterWhatsappKooHow to Get Rid of Dark Spots on Face Overnight: चेहरे पर काले दाग-धब्बे खूबसूरती को खराब कर देते हैं। चेहरे के दाग धब्बे हमारी पर्सनालिटी को भी कम कर देते हैं। इसलिए हर किसी की चाहत ग्लोइंग, सॉफ्ट और खूबसूरत चेहरे की होती है। इसके लिए वे तरह-तरह के प्रोडक्ट्स यूज करते हैं, लेकिन आप चाहें तो नैचुरल तरीके से भी चेहरे के दाग धब्बों को हटा (Dark Spots ke Liye Kya Karen) सकते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं चेहरे के दाग धब्बों को मिटाने के लिए घर पर कौन-कौन से फेस पैक (Night Face Pack for Dark Spots) बना सकते हैं। 1. पपीता फेस पैक (Papaya Face Pack)पपीता चेहरे के काले धब्बों को मिटाने में काफी फायदेमंद होता है। कई एंटी पिग्मेंटेशन क्रीम और मास्क में भी पपीते का उपयोग किया जाता है। पपीता (Papaya Face Pack Benefits) में मौजूद एंजाइम चेहरे के दाग धब्बों को मिटाता है। आप चाहें तो घर पर ही पपीता फेस पैक बना सकते हैं।पपीता फेस पैक बनाने (How to Make Papaya Face Pack) के लिए पपीते को अच्छी तरह से मैश कर लें। इसमें अपने चेहरे पर लगाएं, सुबह चेहरे को गुनगुने पानी से धो दें। आप हफ्ते में 2-3 दिन पपीता फेस पैक अपने चेहरे पर अप्लाई कर सकते हैं। इससे चेहरे के धब्बे हल्के होंगे, स्किन ग्लोइंग भी बनेगी।इसे भी पढ़ें - Night Face Pack: त्वचा की रंगत निखारने के लिए रोज रात को चेहरे लगाएं ये 4 तरह के फेस पैक2. दही और दलिया फेस पैक (Curd and Oatmeal Face Mask)दही और दलिया का फेस पैक स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है। दही त्वचा की डार्कनेस कम करता है, स्किन को मॉयश्चराइज भी करता है। जबकि दलिया डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है। दही और दलिया फेस पैक स्किन को एक्सफोलिएट करता है, त्वचा की रंगत में भी सुधार करता है। दही और दलिया फेस पैक बनाने के लिए दही और दलिया का अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें। अब इसे रात को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं, 30 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो दें। चेहरे के काले धब्बों को मिटाने के लिए आप दलिया फेस पैक को हफ्ते में 2-3 बार अप्लाई कर सकते हैं। दही और दलिया फेस पैक लगाने से स्किन काफी चमकदार और अच्छी बनती है। 3. बादाम फेस पैक (Almond Face Pack)बादाम त्वचा से काले दाग धब्बों को हटाने के लिए काफी उपयोगी होता है। बादाम में मौजूद तत्व चेहरे के पिग्मेंटेशन की समस्या को कम करता है। बादाम फेस पैक (almond face pack for dark spots) लगाने से चेहरे के दाग धब्बों से पूरी तरह से छुटकारा मिलता है।बादाम फेस पैक बनाने के लिए आप 6-8 बादाम रात को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इनका छिलका निकाल लें, इसका गाढ़ा पेस्ट बना लें। आप चाहें तो इसमें चंदन का पाउडर भी मिला सकते हैं। अब इसे चेहरे के धब्बों पर लगाएं, फिर पानी से साफ कर लें। अच्छे रिजल्ट के लिए आप बादाम फेस पैक को हफ्ते में रात को 2 बार लगा सकते हैं।इसे भी पढ़ें - वजन कैसे बढ़ाएं: रोज रात को सोते समय पिएं ये 5 तरह के weight Gain Drinks, बढ़ने लगेगा वजन4. बेसन फेस पैक (Besan Face Pack)बेसन फेस पैक सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। बेसन त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। चेहरे के काले दाग धब्बों को मिटाने के लिए भी बेसन फेस पैक लगाया जा सकता है। बेसन में मौजूद घटक त्वचा की अच्छे से सफाई करते हैं, काले धब्बों को हल्का करते हैं। साथ ही डेड सेल्स को भी रिमूव करते हैं। बेसन फेस पैक (how to make besan face pack) बनाने के लिए आप 2 चम्मच बेसन लें, इसमें 2 चम्मच एलोवेरा जेल और टमाटर का गुदा मिला लें। इस मिश्रण को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं। आप रात के समय भी बेसन से बना फेस पैक अप्लाई कर सकते हैं। टमाटर में ब्लीचिंग एजेंट होता है, जो धब्बों को हटाने में मदद करता है। एलोवेरा जेल त्वचा को पोषण देता है।अगर आपके चेहरे पर भी काले दाग धब्बे (Dark Sports on Face) हैं, तो आप रात को सोते समय बेसन, बादाम, दलिया और पपीता फेस पैक ट्राई कर सकते हैं। लेकिन अगर स्किन से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो एक्सपर्ट की राय पर ही इनका उपयोग करें। MORE FOR YOUमाइंडफुलनेस मेडिटेशन है डिप्रेशन दूर करने में फायदेमंद, जानें इसे करने का तरीका और सावधानियांथकी, लाल और खुजलीदार आंखों से छुटकारा चाहते हैं तो ट्राई करें ये आयुर्वेदिक नुस्खा, मिलेगी राहतक्या ज्यादा एक्सरसाइज करने से हो सकती है इंफर्टिलिटी? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्टट्राइग्लिसराइड (Tryglycerides) बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानेंअच्छी नींद लेने के बाद भी रहती है थकान, तो अपने खानपान और लाइफस्टाइल में जरूर करें ये 6 बदलावमुंहासे ज्यादा होते हैं तो कम कर दें इन 3 फूड्स का सेवन, बढ़ा सकते हैं आपकी समस्याघर पर बीपी मशीन का इस्तेमाल कैसे करते हैं? जानें BP चेक करने के आसान स्टेप्स FEATURED HEALTH TOPICSहेपाटाइटिस अल्जाइमर माइग्रेन उच्च रक्तचाप अर्थराइटिस डेंगूFacebookYoutubeRSSTwitterInstagramAbout Us Contact Us Management Privacy Policy Cookies Policy Terms of Use Editorial Team SitemapThis website follows the DNPA’s code of conductCopyright © 2021 MMI ONLINE LTDThis website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalis