Rheumatoid Arthritis Treatment in Ayurveda

रहूमटॉइड आर्थराइटिस को आयुर्वेद मे आमवात कहा गया है|यह एक autoimmune व्याधि हैँ जिसमे जोड़ो मे लगातार सूजन बनी रहती हैँ इसकी वजह से जोड़ो के आसपास Tissues मे और दूसरे अंगों मे जैसे की ह्रदय,फेफड़े,किडनी आदि अंगो मे भी सूजन हो सकती हैँ|Autoimmune बीमारी वह होती हैँ जिसमे अपने शरीर का immune system अपने ही शरीर के tissues को गलती से नुकसान पहुंचना शुरू कर कर देते हैँ| क्योंकि ये बीमारी बहुत सारे अंगों को प्रभावित करती हैँ इसलिए इसको systemic illness कहा गया हैँ,कभी कभी इसको Rheumatoid diseases भी कहा जाता हैँ|Causes(कारण)देरी से पचने वाले आहार,गरिष्ठ भोजन,दूध से बने पदार्थ विशेषता दही,aquatic animal meat(जलीय जानवर मास) का सेवन सेवन करना,exercise ना करना ये सभी रहूमटॉइड आर्थराइटिस के कारण होते है|Symptoms(लक्षण)•सुबह के वक्त शरीर मे जकराहट•3 या अधिक जोड़ो मे आर्थराइटिस होना (जोड़ो मे दर्द रहना)•हाथो मे आर्थराइटिस होना •जोड़ो पर nodules(गाठो) का बनाना•Indigestion •Thirst•ConstipationInvestigationRA का diagnosis मुख्यता क्लीनिकल लक्षणों के आधार पर किया जाता है|कन्फर्म करने के लिए कुछ टेस्ट कर सकते हैँ-CRP, RA FACTOR, ANTI-CCP, ESR, X-ray joint. Management in Ayurveda(आयुर्वेद मे उपचार)आयुर्वेद के अनुसार यह वात-कफ प्रधान व्याधि हैँ,इसमें बढे हुए वात को कम करने के लिए वात शामक औषधि देते हैँ और joint के टोक्सिन को बाहर निकाल कर जॉइंट को ख़राब होने से बचाया जाता हैँ|एलोपैथिक चिकित्सिक इसको ना ठीक होने वाली बीमारी मानते हैँ एलोपैथिक दवाये सिर्फ दर्द और सूजन कम कर सकती हैँ यदि लम्बे समय तक दर्द की दवा खाने से पेट मे अलसर, gastritis, और आपके किडनी को ख़राब कर सकती हैँ |आयुर्वेदिक औषधि इस रोग के कारण को पूरी तरह ख़त्म कर, जॉइंट को ख़राब होने से बचाती हैँ, शरीर की immunity को बढाती हैँ|लेकिन सही समय पर इलाज और इस रोग का पता चलना जरुरी हैँ|यदि आप भी इस प्रकार की किसी समस्या से पीड़ित हैँ तो तुरंत हमारे क्लीनिक पर आकर आकर हमसे मिले|हमारे क्लीनिक पर सभी प्रकार की ayurvedic मेडिसिन उपलब्ध हैँ और साथ मे पैथोलॉजी भी हैँ|ओजस आयुर्वेद क्लीनिक प्रथम तल, शोभा काम्प्लेक्स, पहाड़िया चौराहा,पहाड़िया,वाराणसीMob-7379135960,ईमेल id-drjbsingh844@gmail.com